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Mega e auction bank of India: खुद का घर खरीदने का सुनहरा मौका, बैंक ऑफ़ इंडिया दे रहा मौका, इस तरह करना होगा आवेदन

Mega e auction bank of India: अपने घर का सपना हर किसी के लिए जीवन की एक ऐसी इच्छा होती है जिसे पूरा करना हर कोई चाहता है लेकिन कई बार विभिन्न समस्याओं के चलते इस सपने को पूरा करना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है.  कभी महंगाई की वजह से घर खरीदने का सपना सपना ही रह जाता है तो कभी सही प्रॉपर्टी न मिलने के कारण सपनों का घर खरीदना नहीं हो पाता.

वहीं यदि किसी ब्रोकर के माध्यम से प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो ब्रोकरेज तो लगता ही है लेकिन इसके साथ ही प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमत से अधिक कीमत भी देनी पड़ जाती है.  क्योंकि ज्यादातर ब्रोकर अपनी ब्रोकरेज के अलावा प्रॉपर्टी की कीमत भी बढ़ाकर बताते हैं,  जिससे खरीददार को ज्यादातर मामलों में 5 से 6 परसेंट तक एक्स्ट्रा कीमत देनी पड़ती है. लेकिन आने वाली Mega e auction bank of India के जरिये आप बिना ज्यादा कीमत दिए जांचा परखा घर खरीद सकते है.

यदि आप इन सब समस्याओं से बचना चाहते हैं और अपने लिए एक अच्छी सी प्रॉपर्टी सिलेक्ट करना चाहते हैं वह भी पूरी तरह जांची परखी हुई,  तो आपके लिए एक शानदार मौका है.  बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित प्रॉपर्टी मेगा ऑक्शन (Mega e auction bank of India) में भाग लेकर आप देश भर के अलग-अलग शहरों में मौजूद प्रॉपर्टी में से अपनी मनचाही प्रॉपर्टी को सिलेक्ट कर सकते हैं.  सबसे अच्छी बात यह है कि बैंक के माध्यम से प्रॉपर्टी खरीदते समय आपको प्रॉपर्टी का बैकग्राउंड चेक करने की टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं होती.

क्योंकि बैंक की ओर से किसी भी प्रॉपर्टी को अपने कब्जे में लेने से पहले उसके बारे में पूरी जांच पड़ताल की जाती है.  प्रॉपर्टी पर आपको कब्जा दिलाने की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होती है.  इसी के साथ ही बैंक द्वारा आयोजित ऑक्शन में प्रॉपर्टी खरीदने वाले खरीददार को बैंक की ओर से लोन भी आसानी से उपलब्ध करा दिया जाता है.  ऐसे में यदि आप प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पूरी धनराशि की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है तो कुछ पैसा जमा करके बाकी पैसे का आप लोग बैंक से करा सकते हैं. Mega e auction bank of India के माध्यम से आप अपने घर का सपना आसानी से साकार कर सकते है.

 

Mega e auction bank of India  | 9 दिसम्बर को होगा प्रॉपर्टी मेगा ई ऑक्शन

बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 9 दिसम्बर को मेगा प्रॉपर्टी ई ऑक्शन (Mega e auction bank of India) होगा। इस ऑक्शन में बैंक की ओर से देश भर के अलग अलग क्षेत्रों में मौजूद प्रॉपर्टी की नीलामी की जायेगी। इस नीलामी में भाग लेने से पहले कोई भी व्यक्ति बैंक की किसी भी शाखा में जाकर नीलाम होने वाली प्रॉपर्टी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकता है।

Mega e auction bank of India | 1 हजार से अधिक प्रॉपर्टीज होंगी नीलाम

बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित होने वाली इस ई नीलामी (Mega e auction bank of India) में 1 हजार से अधिक प्रॉपर्टीज को नीलामी के लिये रखा जायेगा। बैंक की ओर से किये गये एक ट्वीट के अनुसार 9 दिसम्बर 2022 को होने वाली इस ई ऑक्शन में कार्यालय, मकान, प्लौट, फ्लैट, औद्यौगिक जमीन, दुकान, एग्रीकल्चर लैंड जैसी प्रॉपर्टी शामिल है।

Mega e auction bank of India | किन किन शहरों में मौजूद है प्रॉपर्टी

बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित होने वाले इस ई ऑक्शन (Mega e auction bank of India) में कई शहरों में मौजूद प्रॉपर्टी को बिक्री हेतु रखा गया है। इस शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ जैसे मेट्रो शहरों के अलावा टियर थ्री श्रेणी के शहर भी शामिल हैं।  वहीद प्रॉपर्टी की उपलब्धता की बात करें तो बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार देश के जाता राज्यों में विभिन्न प्रकार की प्रॉपर्टी बिक्री हेतु उपलब्ध है.

उत्तर प्रदेश,  राजस्थान,  पंजाब,  हरियाणा,  महाराष्ट्र,  मध्य प्रदेश,  हिमाचल प्रदेश,  उत्तराखंड,  तमिलनाडु,  आंध्र प्रदेश,  सिक्किम  जैसे राज्यों में भी प्रॉपर्टी उपलब्ध है.   आपको जिस राज्य की जिस शहर में प्रॉपर्टी खरीदनी है आप उस शहर की संबंधित ब्रांच में संपर्क करके उस प्रॉपर्टी के बारे में और अधिक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

Mega e auction bank of India | बैंक प्रॉपर्टी नीलाम क्यों कर रहा है

  • दरअसल जब कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेता है तो बैंक उसकी प्रॉपर्टी को बंधक कर लेता है। जब कोई व्यक्ति लोन नहीं चुकाता तो बैंक की ओर से उस व्यक्ति को नोटिस दिये जाते हैं। कई नोटिस देने और कानूनी चेतावनी के बाद भी यदि कोई व्यक्ति बैंक का ऋण नहीं चुकाता है तो फिर बैंक उसकी प्रॉपर्टी को अपने कब्जे में लेकर उसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर देता है।
  • हालांकि नीलामी से पहले ही यदि किसी प्रॉपर्टी की मालिक बैंक का ऋण चुका देता है, तो उसकी प्रॉपर्टी को नीलाम नहीं किया जाता। इस प्रकार बैंक की ओर से लोन लेने वाले को अपनी प्रॉपर्टी को नीलामी से बचाने के लिये हर संभव अवसर प्रदान किया जाता है।
  • इसके बाबजूद यदि कोई लोन की राशि चुकाने में असमर्थ रहता है तो बैंक उसकी प्रॉपर्टी को नीलाम करके अपनी राशि की वसूली कर लेता है।

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Mega e auction bank of India | प्रॉपर्टी के ई ऑक्शन में भाग लेने के लिये क्या करें

यदि आप भी बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित होने वाले इस ई ऑक्शन (Mega e auction bank of India) में भाग लेना चाहते हैं तो आपको इसके लिये बैंक की जिस शाखा से संबंधित प्रॉपर्टी की नीलामी में आप भाग लेना चाहते हैं उस शाखा में ईएमडी यानी अर्नेस्ट मनी जमा करनी पड़ती है। इसके साथ ही आपको बैंक में अपनी केवाईसी यानी पहचान के प्रमाण जैसे आधार कार्ड आदि भी दिखाने होते हैं।

नीलामी में भाग लेने के लिये डिजिटल सिग्नेचर हैं आवश्यक

Mega e auction bank of India में भाग लेने के लिये आपको अपने डिजिटल सिग्नेचर बनवाना भी आवश्यक है। डिजिटल सिग्नेचर आप किसी भी जन सेवा केन्द्र अथवा ऑनलाइन बनवा सकते हैं। ज्ञातव्य हो कि वर्तमान में ज्यादातर ऑनलाइन कार्यों के लिये डिजिटल सिग्नेचर की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में आपके डिजिटल सिग्नेचर आपके लिये दूसरे कार्यों में भी काफी उपयोगी सिद्ध होंगे।

डिजिटल सिग्नेचर बनवाने और बैंक में अर्नेस्ट मनी जमा करने के बाद आपको ई ऑक्शन में भाग लेने की मंजूरी मिल जाती है। नीलामी में भाग लेने के लिये आपके द्वारा बैंक को उपलब्ध कराई गई ई मेल आई डी पर ईनीलामी में भाग लेने हेतु आपको यूजर नेम और पासवर्ड भेज दिये जाते हैं।

इस यूजर नेम और पासवर्ड का प्रयोग करके आप ईऑक्शन साइट पर लाॅगिन करके नीलामी में हिस्स ले सकते हैं। इस डिजिटल सिग्नेचर के बिना आप Mega e auction bank of India में हिस्सा नहीं ले सकते है.

Mega e auction bank of India | क्या है डिजिटल सिग्नेचर?

दरअसल ऑनलाइन किसी भी लेनदेन अथवा वेरिफिकेशन के लिए आपके हस्ताक्षर का डिजिटल रूप आवश्यक होता है.  डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट कागज पर किए जाने वाले हस्ताक्षर की तरह ही आपके हस्ताक्षर ओं का एक डिजिटल रूप है  इससे आपके हस्ताक्षर उसी तरह प्रमाणित किए जाते हैं जैसे आप कागज पर अपने हस्ताक्षर कर किसी डॉक्यूमेंट को प्रमाणित करते हैं.  डिजिटल सिग्नेचर की आवश्यकता ई फाइलिंग,  ऑनलाइन टेंडरिंग,  जीएसटी फाइलिंग,  ई ऑक्शन,  कंपनी बनाने जैसे कार्यों में पड़ती है.

डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट को जारी करने के लिए लाइसेंस प्राप्त अथॉरिटी को अधिकृत किया गया है.  वहीं यदि डिजिटल  सिग्नेचर सर्टिफिकेट के प्रकारों की बात करें तो डिजिटल  सिग्नेचर सर्टिफिकेट कई प्रकार के होते हैं.  क्लास 2 डिजिटल  सिग्नेचर सर्टिफिकेट के अंतर्गत किसी व्यक्ति की पहचान एक विश्वसनीयता फ्री वेरीफाइड डेटाबेस के खिलाफ वेरीफाई की जाती है वही अधिक क्लास 3 डिजिटल सिग्नेचर की बात करें तो इसके तहत किसी व्यक्ति को रजिस्टर्ड अथॉरिटी के सामने खुद को पेश करने और अपनी पहचान साबित करने की आवश्यकता के अंतर्गत उपयोग किया जाता है.

डिजिटल सिग्नेचर को ऑनलाइन जारी करवाया जा सकता है,  डिजिटल सिग्नेचर जारी करवाने के लिए 10 आधारित ऑनलाइन एप्लीकेशन का विकल्प चुना जा सकता है.  यह निर्धारित शुल्क के भुगतान के बाद आवेदक को अथॉरिटी के सामने एक रिकॉर्डिंग वीडियो जमा करके ईकेवाईसी पूरा करना होता है इसके बाद इस सर्टिफिकेट को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी कर दिया जाता है.  डिजिटल हस्ताक्षर सामान्य पेपर पर होने वाले हस्ताक्षर की तरह ही कानूनी रूप से पूरी तरह स्वीकार है.  इन्हें आईटी अधिनियम 2000 के प्रावधानों के तहत मान्यता प्रदान की गई है.

Mega e auction bank of India | कैसे मिलेगी मनचाही प्रॉपर्टी

  • ई नीलामी में प्रत्येग प्रॉपर्टी की एक रिजर्व प्राइज बैंक की ओर से घोषित की जाती है। यह एक ऐसा मूल्य होता है जिससे कम की बोली स्वीकार नहीं की जा सकती है। ई नीलामी में भाग लेने वाला बोलीदाता अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार प्रॉपर्टी की बोली लगाते हैं, जिसकी बोली सबसे अधिक होती है उसके नाम पर प्रॉपर्टी एलाॅट कर दी जाती है
  • बोली में सफल होने के बाद कुछ धनराशि तत्काल जमा करनी होती है, बाकी की धनराशि जमा करने और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिये सफल बोलीदाता को बैंक की ओर से कुछ समय प्रदान किया जाता है। इस समयावधिक में बोलीदाता को पूरी धनराशि जमा करनी होती है। यदि वह निश्चित समय में धनराशि जमा करने में असमर्थ रहता है तो बैंक द्वारा निरस्तीकरण की कार्यवाही भी की जा सकती है।
  • ई-नीलामी में संपत्ति खरीदते समय खरीदार को 25 प्रतिशत धनराशि जमा करनी होगी। इसके बाद बाकी 75 प्रतिशत धनराशि एक माह में जमा करनी होगी। पैसा जमा करने के बाद बैंक खरीदार को आवंटन पत्र देगा। इससे खरीदार का संपत्ति पर मालिकाना हक हो जाएगा। उसके बाद बैंक का संपत्ति पर हक नहीं रहेगा। संपत्ति पूरी तरह से बोली लगाने वाले की हो जायेगी.

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Mega e auction bank of India | ई नीलामी में कैसे भाग लें

Mega e auction bank of India में भाग लेने के लिए बैंक की ओर से उपलब्ध कराए गए यूजरनेम और पासवर्ड के माध्यम से आपको भारतीय बैंक नीलामी संपत्ति सूचना आईबी एपीआई पोर्टल पर लॉग इन करना होगा और इस पोर्टल के माध्यम से ही आप नीलामी में भाग ले सकते हैं.  इस पोर्टल को बैंकों द्वारा मॉर्टगेज की गई संपत्तियों के नीलामी के कार्य के लिए ही तैयार किया गया है यह पोर्टल वित्तीय सेवाएं विभाग वित्त मंत्रालय की अति महत्वपूर्ण नीति के अंतर्गत भारतीय बैंक संघ द्वारा की गई एक पहल है जिसकी शुरुआत सबसे पहले सार्वजनिक यानी सरकारी क्षेत्र के बैंकों से की जा रही है.

बैंक द्वारा नीलामी के लिए रखी गई अचल संपत्तियों के विवरण को देखने और नीलामी में भाग लेने के लिए इस पोर्टल का प्रयोग किया जा सकता है. इस पोर्टल पर अभी तक कुल 11 बैंक अपने यहां बंधक संपत्तियों का नीलामी के लिए विवरण प्रदर्शित कर रहे हैं.

इस पोर्टल पर अभी तक 12689 आवासी संपत्तियां 2413 वाणिज्यिक संपत्तियां 1289 औद्योगिक संपत्तियां से अधिकृत संपत्तियां नीलामी के लिए उपलब्ध कराई जा चुकी हैं वहीं देश की कुल 34 राज्यों में इस पोर्टल के माध्यम से ही नीलामी की प्रक्रिया संचालित की जा रही है.

यदि अगले 7 दिनों की बात करें तो इस पोर्टल पर 988 आवासीय 255 कमर्शियल और 148 इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी का ऑप्शन होने जा रहा है.

वही अगले 30 दिनों की बात करें तो आईपीएपीआई पोर्टल पर 3570 आवासीय संपत्तियों,  737 कमर्शियल प्रॉपर्टीज,  380 इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टीज को ऑप्शन के लिए रखा जाना है.  इस प्रकार बैंकों द्वारा बंधक की गई संपत्तियों को सस्ते रेट में खरीदने के लिए यह पोर्टल एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है.

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